जीतने वाला बनाम हारने वाला | Winners Versus Losers By Shiv Khera

जीतने वाला बनाम हारने वाला | WINNERS VERSUS LOSERS By Shiv Khera

जीतने वाला बनाम हारने वाला  WINNERS VERSUS LOSERS By Shiv Khera
जीतने वाला बनाम हारने वाला  WINNERS VERSUS LOSERS By Shiv Khera

           💕Hello Friends,आपका स्वागत है learningforlife.cc में। कुछ लोग जितने वाले होते है तो कुछ लोग हरने वाले।लेकिन जीतने वाले ऐसा क्या करते है जो हरने वाले नहीं करते जिसकी वजह से जितने वाले जीतते रहते है और सफलता की बुलंदियों को पा लेते है वही हारने वाले हारते रहतरे है और हर जगह असफल रहते है। इस Post में  जितने वाले क्या करते है और हारने वाले क्या करते है यह बताया जा रहा है यह आप पर है की आप क्या चुनते है :-

जीतने वाला हमेशा समाधान का हिस्सा होता है।
हारने वाला हमेशा समस्या का हिस्सा होता है।

जीतने वाले के पास हमेशा कोई न कोई कार्यक्रम (programme) होता है।
हारने वाले के पास हमेशा कोई न कोई बहाना।

जीतने वाला कहता है, “मैं आपके लिए यह काम कर देता हूँ।”
हारने वाला कहता है, “यह मेरा काम नहीं है।”

जीतने वाले के पास हर समस्या का कोई न कोई हल होता है।
हारने वाले के पास समस्या है हर समाधान के लिए।


जीतने वाला कहता है, “मुश्किल होने के बावजूद यह काम किया जा सकता है।”
हारने वाला कहता है, “इस काम को किया जा सकता है, पर यह बहुत मुश्किल है।’

कोई ग़लती करने पर जीतने वाला कहता है, “मैं ग़लत था।”
हारने वालों से कोई गलती होती है, तो वह कहता है, “इसमें मेरी कोई गलती नहीं थी।”

जीतने वाला वचनबद्ध होता है।
हारने वाला खोखले वायदे करता है।

जीतने वाले की आँखों में कामयाबी के सपने होते हैं।
हारने वाले के पास खोखली योजनाएं होती हैं।

जीतने वाला कहता है, “मुझे कुछ करना है।”
हारने वाला कहता है, “कुछ होना चाहिए।”

जीतने वाला टीम का हिस्सा होता है।
हारने वाला टीम के हिस्से करता है।

जीतने वाला लाभ को देखता है।
हारने वाला तकलीफ़ को देखता है।

जीतने वाला संभावनाओं को देखता है।
हारने वाली समस्याओं को देखता है।

जीतने वाला “सभी की जीत” के सिद्धांत में विश्वास करता है।
हारने वाला मानता है कि जीतने के लिए किसी का हारना ज़रूरी है।

जीतने वाला आने वाले कल को देखता है।
हारने वाला बीते कल को देखता है।

जीतने वाला सोच कर बोलता है।
हारने वाला बोल कर सोचता है।

जीतने वाला विनम्र शब्दों में कड़े तर्क पेश करता है।
हारने वाला कड़े शब्दों में कमजोर तर्क पेश करता है।

जीतने वाला बुनियादी मूल्यों (values) पर मज़बूती से टिका रहता है, पर छोटी-मोटी चीज़ों पर समझौता कर लेता है।
हारने वाला छोटी-छोटी बातों पर अड़ जाता है, लेकिन मूल्यों पर समझौता कर लेता है।

जीतने वाला दूसरों की भावनाओं को महसूस करने में विश्वास करता है। वह मानता है कि “दूसरों के साथ वैसा व्यवहार नहीं करना चाहिए, जैसे व्यवहार की उम्मीद हम दूसरों से अपने लिए नहीं करते।”
हारने वाला इस में विश्वास करता है कि दूसरे तुम्हारे साथ कुछ करें, उससे पहले ही तुम वह काम उनके साथ कर दो।

जीतने वाला काम को अंजाम देते हैं।
हारने वाला काम के होने का इंतज़ार करते हैं।

“जीतने वाला जीतने की योजना बनाते हैं, और तैयारी करते हैं। तैयारी ही मूलमंत्र है।”


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➦यह “जीत आपकी (You Can Win)” By Shiv Khera Book से लिया गया है। यदि आप Detail में पड़ना चाहते है तो इस Book को यहाँ से खरीद सकते है :-

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