Deep Work: Rules for Focused Success in a Distracted World By Cal Newport Book Summary In Hindi

Deep Work By Cal Newport Book Summary In Hindi
Deep Work By Cal Newport Book Summary In Hindi
Deep Work By Cal Newport Book Summary In Hindi
        💕Hello Friends,आपका स्वागत है learningforlife.cc में। आज कल Professionals, Quality से ज्यादा quantity पर जोर देते है जो उन्हें किसी Puppets की तरह बना रही है। जो एक साथ मल्टीपल इमेल्स और प्रोजेक्ट्स निपटाने के चक्कर में Multi tasking करने लगते है। जिससे उनके काम में वह Quality, जिसे “Deep Work” कहते है नहीं आ पाती। Deep Work का मतलब बिना किसी डिसट्रेक्शन के पूरे फोकस के साथ काम करने से है। तो इस पोस्ट में “Deep Work” By Cal Newport Book से कुछ rules बताये जा रहे है जो आपको  Deep Work करने में help करेंगे जिससे आपकी productivity बढ़ेगी और आपको सफलता मिलेगी।

Rules #1: Work Deeply (वर्क डीपली)

Eudaimonia machine (युडोमोनिया मशीन) एक ग्रीक कांसेप्ट है जो कि एक रूम के बारे में है जहाँ इंसान अपनी फुल पोटेंशियल और एक एक्सट्रीम फोक्सड स्टेट तक पहुँच सकता है। ये एक ऐसा स्पेस है जहाँ आप डीप वर्क कर सकते है। ये 5 कमरों वाला स्पेस है जो आपस में कनेक्टेड है और कमरा नम्बर 5 में पहुंचने के लिए आपको पहले रूम नम्बर 1,2,3,4 से गुज़रना पड़ेगा। तो आप मशीन के किसी भी स्टेज को बाईपास नहीं कर सकते है। 1st रूम में आपको हल्का सा स्ट्रेस दिया जाता है कि आप जो काम करने वाले हो वो इम्पोरटेन्ट है। 2nd रुम में आपके अन्दर काम से रिलेटड Curiosity जागायी जाती है। 3rd रूम में आपको सारे रेकोर्ड्स मिलेंगे जो आपका काम पूरा करने के लिये जरुरी है। ताकि जब आप काम शुरु करो तो उसे बीच में छोड़ के ना जाना पड़े।

        4th रूम में आप अपने काम से रिलेटड सारे आईडियाज़ को एक कागज पर लिखते है और 5th रूम साउंड प्रूफ है और सबसे अलग ताकि उस काम को करते वक्त कोई भी डिस्टर्ब ना करे। यही वो रूम है जहाँ डीपवर्क होता है। आप 90 मिनट कंसेट्रेट करते है और 90 मिनट का ब्रेक लेते है जिससे आपके ह्युमन ब्रेन का मैक्सिमम फायदा मिलता है। बदकिस्मती से ये विजन हमारी करंट रियेलिटी से अभी कोसो दूर है। इसके बजाये हम अभी भी खुद को ओपन स्पेस ऑफिसेस में पाते है जहाँ इन्बोक्स के मैसेज और ईमेलट नेगलेक्ट नहीं किये जा सकते है और लगातार मीटिंग्स चलती रहती है। लेकिन अगर आप रूल्स फोलो करते है तो अपने काम में वही सेम इफेक्ट पा सकते है जैसे कि आप किसी युडोमोनिया मशीन के अन्दर हो।यहाँ हम आपको चार ऐसी techniques बता रहे है जो माइंड को “डीप वर्क” की स्टेज में लेकर जा सकती है।

1.MONASTIC PHILOSOPHY

इस अप्रोच में आप किसी मोंक/पुजारी की तरह ही होते है जो खुद को किसी भी तरह की डिसट्रेक्ट करने वाली चीज़ से दूर रखता है। जैसे कि Donald Knuth (डोनाल्ड नुथ), कंप्यूटर साइंस में अपने कई सारे इनोवेशन के लिए वे बहुत फेमस है खासतौर पर ऐनालाइज़िंग एलगोरिथम परफोर्मेंस के डेवलपमेंट के लिए जो बहुत मुश्किल अप्रोच है। जब आप stanford में उनकी वेबसाईट चेक करेंगे तो वहां आपको उनका कोई इमेल एड्रेस नहीं मिलेगा हाँ एक नोट ज़रूर होगा जिसमें लिखा है “1 जनवरी 1990 से मै काफी खुश हूँ, जबसे मेरा कोई इमेल एड्रेस नहीं है। मैंने 1975 तक इमेल यूज़ किया था और मुझे लगता है कि लाइफ के 15 साल बहुत होते है इमेल यूज़ करने के लिए इमेल उन लोगो के लिए बड़े काम की चीज़ है जिनकी लाइफ का रोल टॉप में रहना होता है लेकिन मेरे लिए नहीं क्योंकि मेरा रोल चीजो के बॉटम में है और इसका यूज़ ना करके मुझे मिलता है अनइंटररपटेड कानसंट्रेशन और बहुत सारा टाइम जिसमे मै स्स्टडी कर सकता हूँ।”

        बेशक उन्होंने खुद को दुनिया से अलग-थलग नहीं रखा था क्योंकि उन्होंने अपना पोस्टल एड्रेस दिया था। उनका कहना था कि उनका अस्सिटेंट लैटर्स को छांट कर रखता है और जो इम्पोर्टेन्ट लैटर्स होते है उनका वे रिप्लाई देते है। मोनास्टिक फिलोसफ़ी की प्रेक्टिस करने वाले लोगो का एक वेल डीफाइंड और हाइली वेल्युड प्रोफेशनल गोल होता है जिसे वे पूरी तरह से फॉलो करते है।

2.BIMODAL PHILOSOPHY

ये स्ट्रेटेजी उनके लिए है जो खुद को पूरी तरह दुनिया से अलग नहीं रख सकते। रेवोल्यूशनरी साइकोलोजिस्ट और थिंकर Carl
Jung (कार्ल जंग) ने यही स्ट्रेटेजी अपनाई थी। वे सुबह कुछ घंटे अपने कमरे में बंद होकर लिखते रहते थे और फिर फारेस्ट में वाक़ करते हुए, जो लिखा होता उस पर सोच विचार करते थे। उन्हें बाद में अपने लेक्चर्स अटेंड करने भी जाना होता था और पैसे कमाने के लिए क्लिनिक पर भी। इस फिलोसफी के हिसाब से आपको अपना टाइम डिवाइड करना है, जिसमे से कुछ टाइम स्लॉट सिर्फ उन कामो को देना है जो आपके लिए सबसे ज्यादा important है और बाकी टाइम में आप दुसरे कामो को भी कर सकते है। अपने डीप टाइम में बिमोडल वर्कर मोनेस्टिकली काम करते है – वे अपना सेल फोन ऑफ करके हर चीज़ से दूर रहकर काम करते है, जिससे कोई डिसट्रेकशन नहीं होता और कुछ घंटे के बाद वे फिर से नार्मल लाइफ जीने लगते है। ये बाईमड्ल फिलोसफी इस बात पे बीलीव करती है कि डीप वर्क से एक्सट्रीम प्रोडक्टीवीटी लाई जा सकती है लेकिन तभी जब इसे करने वाला मेक्सिमम कान्सट्रेशन से काम करे।

3.RHYTHMIC PHILOSOPHY

इसे कुछ लोग कहते है द चेन मेथड। इस मेथड को अप्लाई करने के लिए हर दिन कोई एक खास एक्टिविटी करने के लिए एक खास टाइम चूज़ किया जा सकता है और हर रोज़ जब भी आप अपना वो टास्क खत्म कर ले, आपको केलेंडर पर एक बड़ा सा रेड क्रोस लगाना है। ये तब तक करते रहे जब तक कि आप रेड क्रोसेस की चेन बढती हुई ना देख ले। बस ध्यान रहे कि ये चेन टूटनी नहीं चाहिए।

4.JOURNALISTIC PHILOSOPHY

जब आप पूरा दिन बहुत बिजी होते है तो इस अप्रोच को फॉलो कर सकते है। इसमें आप किसी जर्नलिस्ट की तरह एक्ट करते जैसे ही आपको फ्री टाइम मिले भले ही आधा घंटा, तो आप डीप वर्क करे इसका मतलब है कि अगर आपको पता है कि आप 5 से 5:30 फ्री रहने वाले है तो अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर दे और किसी आइसोलेट जगह पे अपने इम्पोरटेंट टास्क पूरे करने बैठ जाए।

Rituals यानि एक्शन क्या ले?

आप कहाँ काम करेंगे और कितनी देर करेंगे इसके बारे मे पहले से सोच कर रखिये क्योंकि आपको कोई एक जगह तो चुन्नी ही पड़ेगी जहाँ आप डीप वर्क कर सके और प्रयास कर सके। एक बार जब आप सुरु करें, तो कैसे उस पर काम करेंगे इसके बारे में भी पहले से ही सोचिये। इसके लिए आपको रूल्स और प्रोसेस चाहिए, जिससे आपके प्रयास आकार ले सके। जो चीजे आपको disturb करती है उन्हें दूर कर दे ताकि डीप वर्क करते वक्त आपका टाइम वेस्ट ना हो और ताकि ये सब सोचने से आपकी विल पॉवर बैटरी खत्म ना हो जाए। आप कैसे अपने वर्क को सपोर्ट करेंगे? आपको इसके लिए सुनिश्चित करना पड़ेगा कि आपके ब्रेन को हाई लेवल डेप्थ तक जाने के लिए सपोर्ट मिल सके। For Example: अपनी शुरुवात एक कप कॉफ़ी के साथ कर सकते है और साथ मे पहले से सब कुछ सोच के रखिये जिससे आपकी मेंटल एनेर्जी ये सोचने में बर्बाद ना हो कि उस समय आपकी क्या ज़रुरत है।

Make Grand gesture (भव्य इशारा करें)

J. K. Rowling हैरी पॉटर सीरीज़ की अपनी लास्ट बुक घर पे फिनिश नहीं कर पाई थी। कुत्तो के भौकने, बच्चो के शोर शराबे और यहाँ तक कि विंडो क्लीनर के शोर की वजह से उनका डीप कोंसंट्रेशन नहीं लग पा रहा था। तो उन्होंने एक Grand gesture किया और सीधे एक होटल में रहने चली गयी, जो महंगा तो था मगर वहां जाकर वे शांति से डीप वर्क में आसानी से जा सकती थी। जब आप इस स्टेट में जाने के लिए इन्वेस्ट करते है तो इसका आपको फायदा मिलता है क्योंकि आप इससे कुछ अचीव ही करेंगे और टाल-मटोल से भी बचे रहेंगे।

क्या आपको अकेले काम करना चाहिए? 

        कोलाब्रेशन नए आईडियाज़ और इनोवेशन को जन्म देता है हालांकि इसकी वजह से आपका कोंसंट्रेशन डिस्टर्ब नहीं होना चाहिए। बेशक दुसरो से इंस्पायर हो मगर डीपली सोचने के लिए अकेले ही रहे। हाँ अगर कोई आपके साथ आपकी ही तरह सोचने वाला हो तो बात दूसरी है तब तो सक्सेस मिलेगी ही मिलेगी।
किसी बॉस की तरह एक्ज़ीक्यूट करे Intel जैसी बड़ी कंपनी ने एक पब्लिश्ड रिसर्च पर बेस्ड वर्किंग स्ट्रेटेज़ी अपनाई है और रीसर्च के लेखक ने सीईओ को डिसक्रराइब करके ये बताया है कि क्या करना है, ये नहीं कि
कैसे करना है और इन दोनों सवालों के ज़वाब में काफी डिफ़रेंस है और इसे 4 disciplines ऑफ़ एक्जीक्यूशन से समझाया गया है और यही सेम प्रिंसिपल डीपवर्क के लिए भी अप्लाई किये जा सकते है।

Discipline #1: Focus on the Wildly Important (बेतहाशा महत्वपूर्ण पर ध्यान दें)

छोटे-छोटे कई सारे गोल्स अचीव करने से ज्यादा इजी रहेंगा कि आप सिर्फ “डीप वर्क पर ज्यादा ध्यान दे” और इसमें मोटीवेशन से काफी डिफ़रेंस आता है।

Discipline #2: Act on the Lead Measures (लीड मेजर्स पर एक्ट करे)

किसी भी फील्ड में improve करने के लिए आपको एक तरह का फीडबैक चाहिए, उसके लिये दो तरीके है जिनसे आप अपनी success को measure कर सकते है। ये है lag measures and lead measures (लेग मेजर्स और लीड मेजर्स)। चलो इसे एक्जाम्पल से समझते है कि लेग मेजर्स और लीड मेजर्स क्या है, मान ले आप एक स्टूडेंट हो और आपका मोक टेस्ट होने वाला है। तो टेस्ट में जो आपके मार्क्स आते है वो लेग मेजर्स है। अब क्योंकि आप एक्जाम दे चुके है तो आप अपने मार्क्स तो चेंज नहीं कर सकते मगर ये आपको एक इम्पोर्टेंट फीडबैक देगा और अपने मोक टेस्ट के रिजल्ट के हिसाब से अगर आप अपने वीक सब्जेक्ट को 1 घंटा रोज़ देते है तो ये लीड मेजर्स है क्योंकि इस टेक्नीक से आपकी फ्यूचर परफोर्मेंस में काफी इम्प्रूवमेंट आएगा। तो किसी एक सटेन एरिया में इम्प्रूव करने के लिए आपको लेग मेजर्स और लीड मेजर्स दोनों की ज़रुरत है।

Discipline #3: Keep a Compelling Scoreboard (एक कम्पेलिंग स्कोर बोर्ड रखे)

आपको और ज्यादा सक्सेस पाने के लिए और Competitiveness बढाने के लिए अपनी प्रोग्रेस का रिकॉर्ड रखना होगा।

Discipline #4: Create a Cadence of Accountability (अकाउंटेबल बने)

खुद को मोटीवेट बनाये रखने के लिए हर week अपना स्कोर चेक करते रहे, इसे अपनी रेगुलर हैबिट बना ले।

क्यों आलसी बनना भी हमारे लिये अच्छा है? 

        हमेशा खुद को मौके दे कि आप कुछ देर के लिए सब कुछ बंद करदे ताकि काम में आप अपना बैटर आउटपुट दे सके, जिसका मतलब है रेस्ट करना। इसलिए आलसी बनना भी हमारे लिये अच्छा है।

Rule #2: Embrace Boredom (बोरडम को गले लगाए)

        एक आदमी था जो हर सुबह उठकर अपनी रिलीजीयस बुक पढता था बार बार एक ही बुक को इस तरह पढने से उसका दिमाग इस तरह ट्रेंड हो गया था कि वो पूरी कोंसट्रेशन के साथ हर रोज़ वो किताब पढता था। हां, कोंसनट्रेशन इसी तरह प्रेक्टिस करके अचीव की जा सकती है। हम सब में ये एबिलिटी है मगर हम ट्राई नहीं करना चाहते है। लेकिन हमेशा ये ध्यान रखे कि फोकस करते हुए बीच बीच में ब्रेक लेते रहे ना कि ब्रेक लेते हुए फोकस करे।  इस रणनीति के पीछे मूल विचार सीधा है, इसे व्यवहार में लाना मुश्किल हो सकता है।

Rule #3: Quit Social Media (सोशल मीडिया छोड़ दे)

2013 में, लेखक और डिजिटल मीडिया सलाहकार Baratunde Thurston (बाराटंडे थर्स्टन) ने एक प्रयोग सुरु किया। उन्होंने 25 दिन के लिए अपनी ऑनलाइन लाइफ छोड़ने का फैसला किया। न Facebook, न  Twitter, न e-mail और न ही Foursquare जिसने उन्हें 2011 में “Mayor of the
Year” से सम्मानित किया। फर्स्ट वीक के बाद ही उन्हें इसकी आदत पड़ने लगी। उनकी लाइफ की गति धीमी हो गयी थी, मगर जब 25 दिन गुजर गए वो फिर से ऑनलाइन रहने लगे और इस बार पहले से भी ज्यादा। तो, किसी भी चीज़ को एकदम छोड़ना पॉसिबल नहीं है और ना ही ये एक सोल्यूशन है। इससे अच्छा है कि आप इन्टरनेट को आज की लाइफ की ज़रुरत समझते हुए यूज़ करते रहे, कभी कभी इसका फायदा भी होता है और इसके कुछ नेगेटिव साइड भी है।

        30 दिन के लिए इंटरनेट छोड़े ,अगर आपको लगता है कि आपके ये 30 दिन मज़े से गुजरे है या आपको लगता है कि लोग आपको इतने दिन मिस करते रहे, तो बेशक फिर से आप ऑनलाइन रह सकते है। अगर ऐसा नहीं है तो इन्टरनेट से दूरी बनाये रखे। साइड नोट में लिख के रखे कि आप कुछ दिन ऑफलाइन जा रहे है।

Rule #4: Drain the Shallows (ड्रेन द शैलो)

        “37signals” नामकी एक सॉफ्ट वेयर कंपनी ने अपने वर्किंग डेज़ 5 से 4 कर लिए थे और फिर भी उसके प्रोडक्शन में कोई फर्क नहीं आया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि इस कंपनी के एम्प्लोयीज़ ने अपने काम फिनिश करने के लिए टाइम को बहुत इम्पोरटेंस दी, उन्होंने अपने काम से शैलो वर्क को लगभग पूरी तरह हटा कर रख दिया था और जब आप शैलो वर्क को डीप वर्क से रीप्लेस करते है तो आप देखेंगे कि कैसे आपको एक्स्ट्राऑरडीनेरी रिजल्ट्स मिलते है। तो शैलो वर्क आखिर होता क्या है? शैलो वर्क वो है जिसमें आपका ब्रेन ज्यादा यूज नहीं होता, जिसमें आप आलसी होके काम करते है और जिन्हे करते हुए आप बार बार डिस्ट्रेक्ट हो जाता है। शैलो वर्क करने वाले दुनिया में ज्यादा कुछ वेल्यु एड नहीं करते और ये इज़ीली रीप्लेस किये जा सकते है।
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